24th june 2008…
मेहेज़ मुझसे मिलने वो रोज़ अति है
और मेरी मोहब्बत को कुछ लम्हों से तौलती है
मैं तो भूखा हूँ प्यार का पर
जाने क्यों वो रोज़ दिलसे मुझे परखती है।
शायद दिल मे ओसके कोई राज़ सी है
पर जाने क्यों वो रोज़ मुझसे कई सवाल पूछती है।
मिलने को तो मैं ओस रोज़ तरसता हूँ
आती भी है [...]





