- प्रहेलिका -

23 फेब 2008

May 22, 2008 · Leave a Comment

पूछ के हाल अपना वो एक जख्म और दे गयी …
भूली सी उन यदून को आहात से अक फिर जिंदा वो कर गयी
शायद सुकून दील का मिलता हो ओंको अस्कों से अपनी
देखके तभी इनको फिर गयी वो आज मुस्कुराके …..

Categories: SHER-O-SHAYARI

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